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  जैसलमेर

Dr. Deepak Acharya :: Spiritual path
With regard to the quest for spirituality, it can be said that there are various spiritual paths which can be followed, and therefore no objective truth or absolute by which to decide which path is better. Because every person is different, the choice can be left to the individual's own sensitivity and understanding.

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समन्वय के साथ ऊर्ध्वगमन का संदेश देती है सगुण पंचोपासना
 

धर्म-संस्कृति और सम्प्रदायों के समन्वय तथा पारस्परिक सौहार्द की परम्पराओं का अवलंबन करते हुए ही जीवन के लक्ष्य को पाने के साथ ही समष्टि और व्यष्टि के कल्याण को स्पष्ट गति प्रदान की जा सकती है।
इस दृष्टि से सनातन धर्म में विभिन्न उपासना पद्धतियाँ विद्यमान हैं जिनमें सगुण पंचोपासना भी प्रमुख रही है। प्राचीनकाल से सगुण पंचोपासना का प्रचलन रहा है जो धीरे-धीरे अब कम होता जा रहा है......

Sunday 28 Aug, 2011 03:13 AM

सरहद के सूरदास
 

पश्चिमी राजस्थान की धरती कला-संस्कृति और साहित्य की समृद्ध धाराओं भरी धरा है जहाँ सदियों से लोक धाराओं का अनवरत प्रवाह लोक संस्कृति के विभिन्न रूपों को साकार करता आ रहा है।
इस धरा पर कई रत्नों ने जन्म लेकर अपनी विलक्षण प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रदेश और देश में नाम कमाया है। इनमें से कई शख़्सियतें ऐसी हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य का पीछा नहीं छोड़ा और ......

Friday 26 Aug, 2011 01:04 AM

वागड़ के रत्न - अथर्ववेदाचार्य डॉ. मनोहरलाल द्विवेदी
 

भारतीय वैदिक संस्कृति की परम्पराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए वैदिक विद्वानों की सुदीर्घ श्रृंखलाएं पीढ़ियों से देश के कोने-कोने में विद्यमान रही हैं जिन्होंने श्रुति परम्परा और अन्य माध्यमों से चारों वेदों के अमूल्य ज्ञान को युगों तक आने वाले पीढ़ियों तक संवहित करने में अहम् भूमिका निभायी।
बीसवीं सदी में वैदिक परम्पराओं का ह्रास होने की स्थिति में कई बिरले विद्वानों का ऐ......

Tuesday 23 Aug, 2011 02:25 AM

इनसे आती है दरिद्रता और गरीबी...?
 

हराम का खाना-पीना
रोटी का टुकड़ा जमीन पर छोड़ना
मकड़ी का जाला घर/दुकान/दफ्तर में रहने देना
रोजाना पूजा/इबादत छोड़ देना
सुबह और शाम के वक्त सोने और बेवक्त उठना
सड़ा हुआ खाना खाना
बर्तनों को बिना माँजे रहने देना
संतान और मेहमानों का निरादर करना
उपासना करते वक्त दुनियावी बातें करना
गंदी जगह पूजा करना
लहसुन व प्याज के छिलके जलाना
नाखुन को दाँतों से कुतरना
रात को झाडू ......

Monday 20 Jun, 2011 06:25 AM

सर्वधर्म समभाव और समत्व रखें, मस्ती बाँटें
 

सब धर्मों के महापुरुषों और देवी-देवताओं, पीर-पैगम्बरों, साधु-संतों का आदर कीजियें।
सब धर्मों के प्रमुख ग्रंथों/शास्त्रों का अध्ययन कीजियें।
ईश्वरीय और आध्यात्मिक पुस्तकों की खोज करते हुए पढ़ने और मनन करने की आदत डालें।
आप किसी भी एक धर्म/सम्प्रदाय को मानें मगर मनुष्य जीवन को सार्थक बनाने के लिए यह जरूरी है कि जानकारी सभी धर्मों/सम्प्रदायों की हो।
ईश्वर के नामों को लेकर व्य......

Monday 20 Jun, 2011 06:07 AM

रेत के धोरों से प्रतिध्वनित हो रहा विकास का संगीत
 

हिन्दुस्तान की पश्चिमी सरहद पर अवस्थित जैसलमेर जिला अब विकास की तेज रफ्तार पर है। किसी जमाने में ठेठ सरहद का करीबी इलाका होने की वजह से यह उपेक्षित और पिछड़ा रहा होगा लेकिन अब यह प्रदेश के अन्य जिलों की ही तरह विकास की मुख्य धारा मेें आने लगा है।
समन्वित भागीदारी से हुआ विकास
राजस्थान भर में विकास की दृष्टि से देखा जाए तो जैसलमेर वह जिला है जिसने कम समय में तरक्की के कई सफर देखे ......

Tuesday 31 May, 2011 02:13 AM

करिश्माई शखि़्सयत - मशहूर गोताखोर गफ्फार शाह
 

दुनिया कई अजूबों और बिरली शखि़्सयतों से भरी पड़ी है जिसकी थाह तक पाना नामुमकिन है। दूर की बात क्यों करें, अपने आस-पास कई ऎसे हस्ताक्षर मौजूद हैं जो दीखने में आम आदमी की तरह सामान्य हैं मगर किसी न किसी क्षेत्र में उनका हुनर लाजवाब होता है। जब वे कहीं कोई करिश्मा कर दिखाते है तब चर्चा में आ जाते हैं।
पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर जिले में ऎसे ही करिश्माई शख्स हैं - गफ्फार शाह। पोकरण मे......

Friday 27 May, 2011 03:12 AM

फक्कड़ अलगोजावादक याकूब खाँ
 

मरु भूमि का पारम्परिक लोकवाद्य अलगोजा जब कलाकार के होंठों का स्पर्श पाता है तब फ़िजाँ में ऎसी सुरीली तान घुलने लगती है कि सुनने वाला मदमस्त हो प्रकृति और प्रणय के मधुर रसों का आस्वादन करने लगता है।
मरुधरा कलाकारों की खान रही है जहाँ एक से बढ़कर एक कलाकार हैं, जिन्होंने देश-दुनिया में अपना नाम कमाया है। उम्दा कलाकारों की एक सुदीर्घ श्रृंखला ऎसी भी है जो अपने फन में माहिर होने के ब......

Sunday 15 May, 2011 07:31 AM

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